भक्त की इस एक क्रिया से होती है ठाकुर जी को अत्यन्त पीड़ा,सदा रखे स्मरण | indresh Maharaj katha |
1:51:54
कथा तो नित्य सुनते हैं,सेवा भी करते हैं,पर मन की मलिनता फिर भी नहीं छूट रही | indresh Maharaj katha
1:38:18
जो भक्त ठाकुर जी द्वारा दी हुई इस मूल्य वस्तु का नित्य धन्यवाद देता है,वह सदा |indresh Maharaj katha
1:15:42
महाप्रभु वल्लभाचार्य चरित्र | Indresh Ji Maharaj
50:37
100 वर्ष बाद ठाकुर जी मिले जब यशोदा मैय्या और सभी बृजवासीयो से तब #indreshjimaharaj #bhaktipath
1:16:59